मुख्यमंत्री ने पत्र में बताया कि तमिलनाडु के तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरों को बार-बार हो रहे हमलों से भारी मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दो मई को नागापट्टिनम जिले के २३ मछुआरों और उनकी पाँच नौकाओं पर समुद्र में श्रीलंकाई नागरिकों ने हमला किया। हमलावरों ने मछुआरों के जीपीएस उपकरण, मोबाइल फोन, जाल, इंजन के पुर्जे और यहां तक कि सोने-चांदी के आभूषण भी छीन लिए।
स्टालिन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह श्रीलंकाई अधिकारियों के साथ मिलकर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इन हमलों से न केवल मछुआरों की जान को खतरा है, बल्कि उनके जीवनयापन का साधन भी बर्बाद हो रहा है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय अधिकारों से जुड़ा है, जिस पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है।



