महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार माओवादी संजय यादव उर्फ गोदराम पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) संगठन का जोनल कमेटी सदस्य है। संगठन में उसे जोनल कमेटी मेंबर यानी जेडसीएम के रूप में जाना जाता है। संजय यादव मूल रूप से पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के देवगन गांव का रहने वाला है। इस गांव को तिलहड़वा के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, झारखंड में उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम था। वहीं, बिहार में उसके ऊपर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस तरह दोनों राज्यों में उस पर कुल 13 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय यादव झारखंड और बिहार में दर्ज 53 मामलों में वांटेड था। इनमें सबसे अधिक 23 मामले झारखंड के पलामू जिले में दर्ज हैं। बिहार के औरंगाबाद जिले में उसके खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा गया जिले में भी उस पर 10 मामले दर्ज हैं। इस तरह उसके खिलाफ दोनों राज्यों के तीन जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उस पर पुलिस बल पर हमला करने का भी आरोप है। इसके अलावा लेवी वसूली से जुड़े मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। विस्फोट और आगजनी की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता बताई गई है। हथियार और विस्फोटक रखने के आरोप में भी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम कई बड़ी नक्सली घटनाओं से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, 25 और 26 अप्रैल 2019 की दरम्यानी रात हरिहरगंज बाजार में एक बड़ी घटना हुई थी। वहां हीरा कॉम्प्लेक्स में भाजपा का चुनाव कार्यालय बनाया गया था। आरोप है कि माओवादियों ने विस्फोट कर इस कार्यालय को उड़ा दिया था। इसी घटना में संजय यादव को भी आरोपी बनाया गया था। उसी रात तुरी गांव के पास बटाने नदी पर बन रहे पुल को भी निशाना बनाया गया था। पुल निर्माण में लगी मशीनों और अस्थायी शेड में आग लगा दी गई थी। इस घटना से निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचा था। पुलिस ने इन घटनाओं को लेकर हरिहरगंज थाना में मामला दर्ज किया था। इस संबंध में कांड संख्या 37/2019 दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड में संजय यादव का नाम इस मामले में भी शामिल है। ठाणे से उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए अहम कार्रवाई माना जा रहा है।



