खूंटी में 20 अक्टूबर को अरसी चर्च के फादर बेनेडिक्ट पर हुए जानलेवा हमले की जांच तेज हो गई है। खूंटी पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के लिए एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई है। एसआईटी की तीन अलग-अलग टीमें इस घटना की जांच में जुटी हैं। हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हालांकि, अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एसआईटी हमले के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है। इसके लिए विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में लगी है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के लिए गठित एसआईटी की तीनों टीमें अलग-अलग जिम्मेदारी निभा रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पड़ताल कर रही है। दूसरी टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। तीसरी टीम स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार कर रही है। सूची में शामिल लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का मिलान कर रही है। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य हमले में शामिल लोगों की पहचान करना है। इसके साथ ही घटना के पीछे की वजह का पता लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अगले 41 घंटे जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इस अवधि में मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी या मामले के खुलासे के लिए कोई आधिकारिक समयसीमा नहीं दी है। दूसरी ओर, हमले में गंभीर रूप से घायल फादर बेनेडिक्ट की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उनके सिर पर गंभीर चोट लगी है। अब तक उन्हें चार यूनिट खून चढ़ाया जा चुका है। फिलहाल उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है। चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।



