रांची समेत झारखंड के पांच जिलों में मौसम बिगड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने रांची, पूर्वी सिंहभूम, गुमला, खूंटी और लोहरदगा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले एक से तीन घंटे के भीतर इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। कई स्थानों पर मेघ गर्जन भी हो सकता है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने को कहा है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की अपील की गई है। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके बाद 18 से 23 अक्टूबर तक सुबह के समय कुहासा छाए रहने की संभावना है। दिन में आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसके बाद दो दिनों के भीतर रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड बढ़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। रांची के कांके में सबसे अधिक 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। रांची एरो में 36 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। वहीं, तोपचांची में 23 मिलीमीटर बारिश हुई। राज्य में अधिकतम तापमान का सबसे ऊंचा आंकड़ा पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में दर्ज किया गया। वहां पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में बदलाव के बीच विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है। आंधी के दौरान कमजोर संरचनाओं और बिजली के तारों से दूर रहने की सलाह दी गई है। वज्रपात के समय खुले मैदानों में रुकना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में घर या किसी सुरक्षित पक्के भवन में रहना बेहतर होगा। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेकर जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।



