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ड्राइवरों के स्थायीकरण पर हाईकोर्ट से अंतरिम राहत.

दुमका और साहिबगंज के कर्मियों को काम जारी रखने का आदेश.

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट में रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के ड्राइवरों के स्थायीकरण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। यह मामला दुमका और साहिबगंज डिवीजन में कार्यरत संविदा कर्मियों से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने अपनी सेवाएं स्थायी करने की मांग की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन्हें वर्तमान कार्यस्थल पर काम करते रहने दिया जाए। साथ ही, उनके मासिक मानदेय का भुगतान भी जारी रखने को कहा गया। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की गई है। याचिका चंद्रशेखर भंडारी, सुरेश कुर्मानी और भूषण पासवान ने दाखिल की है। ये सभी रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के कार्यालयों में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। वे दुमका और साहिबगंज डिवीजन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवाओं को अब तक नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत से स्थायीकरण का आदेश देने का आग्रह किया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह और अधिवक्ता राजलक्ष्मी शर्मा ने पक्ष रखा। वकीलों ने अदालत को बताया कि प्रार्थी दस वर्ष से अधिक समय से विभाग में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद कर्मियों को नियमित नियुक्ति का लाभ नहीं मिला है। इस आधार पर अदालत से उनकी सेवाएं स्थायी करने का अनुरोध किया गया। अदालत ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं को काम से नहीं हटाने और मानदेय जारी रखने का निर्देश दिया। इससे मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। उस दिन राज्य सरकार के जवाब के आधार पर आगे की कार्यवाही बढ़ सकती है। फिलहाल अदालत का आदेश याचिकाकर्ताओं के काम और मासिक भुगतान को जारी रखने से संबंधित है। स्थायीकरण की मांग पर अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है। याचिकाकर्ताओं को नियमित करने का मुद्दा अदालत के विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई में इस विवाद पर आगे विचार किया जाएगा। राज्य सरकार का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल तीनों याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत मिली हुई है।

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