कांग्रेस ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। मुख्य बिंदु: अजय राय ने कहा कि प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे हैं। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके जिलों में नजरबंद किया गया है। राय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के वाहनों के टायर पंक्चर कर दिए। बसों और ट्रेनों से कार्यकर्ताओं को उतारकर रोका गया। इसके बावजूद हजारों कार्यकर्ता विधानसभा घेरने के लिए तैयार हैं। राय ने सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार निजीकरण पर जोर दे रही है। बिजली विभाग की दो कंपनियों के निजीकरण का आरोप लगाया गया। राय ने गुजरातियों को ठेके देने का आरोप लगाते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बनारस, अयोध्या और प्रयागराज के कार्य भी गुजरातियों को दिए गए। किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया। राय ने कहा कि उनके कार्यकर्ता हर दीवार और बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली क्षेत्र के निजीकरण की निंदा की। पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय और विधानसभा मार्ग पर भारी संख्या में बल तैनात किया। प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर कांग्रेस के मार्च को रोकने की तैयारी की गई। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ाई। राय ने सरकार पर अत्याचार और जनता के मुद्दों को दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों और युवाओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही। विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है, ऐसे में पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।